✧ प्रस्तावना ✧
हमारी लेखनी का मार्ग परंपरा से थोड़ा भिन्न है।
यहाँ धर्म और अध्यात्म को पूजा-पाठ, मान्यताओं और उलझी हुई भाषा में नहीं बाँधा गया है।
हम हर विचार को सरल शब्दों में, सीधे जीवन से जोड़कर रखते हैं।हम मानते हैं—
धर्म कोई अंधविश्वास नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है।
अध्यात्म कोई रहस्य नहीं, बल्कि चेतना का विज्ञान है।
हर सत्य को तर्क और अनुभव दोनों से परखा जा सकता है।
इसीलिए हमारे शब्द किसी शास्त्र की पुनरावृत्ति नहीं, बल्कि अनुभव और विवेक से उपजी नई परिभाषाएँ हैं।
यहाँ कोई जटिलता नहीं, केवल स्पष्टता है।
कोई आडंबर नहीं, केवल जीवन और विज्ञान की सहज दृष्टि है।
यही हमारी पहचान है—
अलग लिखना, अलग परिभाषित करना, और हर जटिल सत्य को सरल बनाकर सामने रखना।
✧ प्रमुख लेख ✧
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✧ मनत्रयी दर्शनम् — मन के पाँच तत्त्वों (अग्नि, वायु, जल, पृथ्वी, आकाश) से आंतरिक यात्रा।
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THE DREAM OF GOD — आज जिसे लोग ‘God’ कहते हैं, वह आत्मा नहीं; केवल कल्पना है।
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THE WORLD OF REMEDIES — दुनिया हर जगह उपाय बेच रही है; क्या यही समाधान है?
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शिव–पार्वती–गणेश — त्रिक ज्ञान दर्शन — आत्मा (शिव), शरीर (पार्वती), और मन (गणेश) का रहस्य।
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✧ मन, भोग और चेतना — मन कभी स्थिर नहीं, हर पल भोग, धन और शक्ति की ओर भागता है। ➤पढ़ें
- शास्त्र, मंदिर और आज का धर्म — भारत के इतिहास को देखें तो शास्त्र और मंदिर दोनों ही अत्यंत ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण हैं।
The Secret of Religious Fame — Religious fame has little to do with truth. It feeds on human weakness, not wisdom.
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