Shiksha · Gyan · Hans Sutra
शिक्षा, ज्ञान
और हंस का सूत्र
दो तोते सिखाते-सीखते हैं। एक हंस देखता है।
जानकारी और दृष्टि के बीच का यही अंतर, ज्ञान है।
शिक्षा → ज्ञान → आत्मबोध
एक दृष्टि-नक्शा
हंस — ज्ञान
ज्ञान — दृष्टि देता है
लाल तोता
सिखाने वाला
हरा तोता
सीखने वाला
शिक्षा — जानकारी देती है
शब्द, सिद्धांत, स्मृति — सब संग्रह है
तोता-हंस सूत्र
तीन अवस्थाएँ — एक ही यात्रा
लाल तोता
· प्रथम पडावशब्दों का संग्रहालय
सिखा रहा है — दूसरों को, स्वयं को भी।
हरा तोता
· द्वितीय पडावउधार का ज्ञान
सीख रहा है — दोहरा रहा है, पर अभी देखा नहीं।
हंस
आत्मबोधदेखने की घटना
न सिखाना, न सीखना — केवल देखना।
मस्ती भीतर से
हंस पक्षी नहीं, चेतना की दशा है।
“जीवन सीखने की वस्तु नहीं,
देखने की घटना है।”
— तोता-हंस सूत्र